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सच से ही बचेगा मीडिया का अस्तित्‍व : अच्‍युतानंद मिश्र

 

नोएडा, 26 अप्रैल, 2016 : लोकतंत्र के लिए मीडिया और मीडिया के लिए सच जरूरी है। सत्‍य, नैतिकता और विश्‍वसनीयता के बिना मीडिया का कोई अस्त्त्वि नहीं है।  सत्य के मार्ग में प्रलोभन सबसे बड़ी बाधा है जिससे बचकर निकलने की आवश्यकता है। यह विचार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र ने ‘सत्य और मीडिया’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन व्यक्त किया। सेमीनार का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, निस्कोर्ट एवं ईयान स्कूल ऑफ मॉस कम्युनिकेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया। 

श्री मिश्र ने भारतीय दर्शन, परंपरा, स्‍वतंत्रता पूर्व की पत्रकारिता के कई दृष्‍टांतों के जरिए सत्‍य और मीडिया के संबंधों की विवेचना की। उन्‍होंने मौजूदा मीडिया के परिद़ृश्‍य को रखते हुए कहा कि जो लोग राजनीति व व्यापार चलाते हैं वही लोग मीडिया भी चला रहे हैं। ऐसे में सही और निष्पक्ष समाचार की कल्पना कैसे की जा सकती है? व्यवसायिक मीडिया में खबरों के बजाए उसका विश्लेषण होता है जो मीडिया घरानों के हितों को संरक्षित करता है। परंतु आम आदमी का भरोसा अभी भी मीडिया पर उतना ही है जितना स्वतंत्रता से पहले था।

वरिष्ठ पत्रकार ओंकारेश्वर पांडेय ने ‘अच्छी पत्रकारीय आदतों के बारे में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।  उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पत्रकारों का निर्भय होना सबसे जरूरी है। निडरता एक सच्चे पत्रकार का गुण है। उतना ही महत्‍वपूर्ण गुण है उसका अध्‍यवसायी और शोधकर्ता का गुण।  एक सच्चा पत्रकार संपूर्ण जीवन एक अच्छा विद्यार्थी भी होता है। उसकी अपनी भाषा पर पकड़ वह नई तकनीकि प्रति सचेत होता है। विभिन्‍न विषयों में रूचिा रखता है और किसी एक विषय पर उसे विशेषज्ञता हासिल होती है। उसे हमेशा अपने काम में नएपन और सृजनात्‍मकता की भूख होती है। एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री पांडेय ने कहा कि अगर आपको एक अच्छा पत्रकार बनना है तो देश की दस बड़ी समस्याओं को चुनें और उन समस्याओं पर गहन अध्ययन करें।

इससे पूर्व सुबह के सत्र में ‘पत्रकारीय सत्य के घटक’ विषय पर अपने विचार करते हुए राज्यसभा टीवी के संपादक राजेश बादल ने कहा कि मीडिया का सच के साथ पुराना रिश्ता है। लेकिन आज की मीडिया सच से दूर होती जा रही है। यह समस्या अर्द्धप्रशिक्षित लोगों के मीडिया में आने से उत्पन्न हुई है। निदान यह है कि मीडिया में आने वाले लोग तैयारी के साथ आएं।

दिन का तीसरा सत्र विद्यार्थियों के नाम रहा जिसमें ‘मीडिया में सत्य की मेरी समझ’ विषय पर शुभम तिवारी, नीरज तिवारी, रोहित पांडेय, राॅबिनशन एवं अपराजिता ने अपने विचार व्यक्त किए और सत्र का संचालन अभिजात कांडपाल और देवेश शर्मा ने किया। सेमिनार का आयोजन फादर एग्नल पब्लिक स्कूल, नोएडा के सभागार में किया गया।

सभा को संबोधित करने वालों में डॉ. अविनाश वाजपेयी, अनुज गर्ग, फादर जोश मोरीकन, फादर सुदीप पौल, श्रीमती रजनी नागपाल, श्री राकेश कुमार योगी आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इस अवसर पर मीडिया से जुड़ी अनेक हस्तियां एवं प्राध्यापक उपस्थित थे। सिस्टर सोफिया, फादर टोनी, फादर लैसली, सिस्टर अंकिता, सिस्टर प्रेसिला आदि ने कार्यक्रम व्यवस्था में सहयोग किया।