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परमाणु ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने में जनसंपर्क की अहम भूमिका- अमृतेश श्रीवास्तव

एमसीयू में विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि विषयक संगोष्ठी में विशेषज्ञों के व्याख्यान 

भोपाल, 16 नवम्बर, 2017: भारत में ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार परमाणु ऊर्जा के विकास से ही संभव होगा। आज के बदलते परिवेश में परमाणु ऊर्जा से जुड़े तकनीकी एवं तथ्यपरक विषयों को बहुत ही सरल एवं रोचक तरीके से समझाने की आवश्यकता है, जिससे इस विषय के प्रति जन जागरूकता पैदा हो। इस कार्य में जनसंपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यह विचार आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एन.पी.सी.आई.एल.) के वरिष्ठ प्रबंधक कॉरपोरेट संचार, श्री अमृतेश श्रीवास्तव ने व्यक्त किए।

            उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में की जा रही विज्ञापन एवं जनसंपर्क की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया साथ ही परमाणु ऊर्जा से जुड़ी जो भ्रांतियाँ लोगों के मन में फैली हुई हैं उन्हें दूर करने के लिए किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने परमाणु ऊर्जा पर आधारित एनिमेटेड फिल्म ‘बुधिया की कहानी’ के माध्यम से परमाणु ऊर्जा के विभिन्न आयामों को बहुत ही रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने मुम्बई, चैन्नई एवं दिल्ली में स्थापित ‘परमाणु ऊर्जा गैलरी’ एवं ‘ऐटम ऑन  व्हील्स’ के अभियान के बारे में बहुत ही रोचक तरीके से विद्यार्थियों को जागरूक किया।

            कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव, डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि भारतीय वेदों एवं उपनिषदों में हमें मिलेगी। विज्ञापन एवं जनसंपर्क गतिविधियों के दौरान हमें भारतीय समाज, परिवार, संस्कार आदि का ध्यान रखना चाहिए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि जनसंपर्क गतिविधियां करते समय हमें यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि राष्ट्र एवं समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाचार में जहाँ एक ओर तथ्यपरक प्रस्तुति पर जोर दिया जाता है वहीं जनसंपर्क में सकारात्मकता के निर्माण पर जोर होता है। इन दोनों से हटकर विज्ञापन में नकारात्मक तथ्यों को पूरी तरह से हटाकर सकारात्मक अथवा लाभदायक चीजों को अधिकाधिक प्रस्तुत किया जाता है। विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि हमें यह सिखाती है कि हम सत्य एवं सकारात्मक होते हुए समाज के हित में सूचनाओं का सम्प्रेषण करें। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने संगोष्ठी की रूपरेखा से सभागार में उपस्थित जनों को अवगत कराया।

            एक अन्य तकनीकी सत्र में एन.पी.आई.सी.एल., मुम्बई से पधारे श्री उमेद यादव ने कहा कि न्यूक्लियर रेडियेशन को लेकर समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियाँ हैं उन्हें सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक संचार गतिविधियों एवं जनसंपर्क से दूर किया जा सकता है। उन्होंने रेडियेशन से जुड़े विभिन्न आयामों को बेहद सरल तरीके से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने रेडियेशन से जुड़े डर एवं अचंभित करने वाली बातों के संदर्भ में भी मीडिया की भूमिका पर चर्चा की।

            ई-कॉमर्स पर आधारित एक सत्र में विज़न एडवाइजरी सर्विसेस, भोपाल के प्रबंध निदेशक, श्री प्रदीप कर्मबेलकर ने विद्यार्थियों को भारत के ई-कॉमर्स परिदृश्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी एवं जी.एस.टी. के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन में बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय और जीवन ई-कॉमर्स का होगा। ई-कॉमर्स के साथ उन्होंने स्टार्टअप से जुड़े मुद्दों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। संगोष्ठी के अंतिम सत्र में बी.एच.ई.एल., भोपाल के पूर्व महाप्रबंधक, जनसंपर्क, श्री सी.के.सरदाना ने विद्याथियों को जनसंपर्क से जुड़ी अनेक केस स्टडी एवं संदर्भों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

            कल संगोष्ठी के दूसरे दिन (17 नवम्बर 2017 को) विज्ञापनों में भारतीयता विषयक सत्र में प्रख्यात विज्ञापन विशेषज्ञ श्री दिवाकर शुक्ला विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। डिजिटल मार्केटिंग पर बी.एम.ए. के श्री संतोष सुब्रमण्यम एवं रीजनल पब्लिक रिलेशंस पर विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। डिजिटल युग में ई-कॉमर्स विषय पर श्री विक्रम सिंह चौहान अपने विचार रखेंगे।

            संगोष्ठी के प्रथम दिन विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग एवं मीडिया प्रबंधन विभाग के समस्त विद्यार्थी, शिक्षक, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री संजय द्विवेदी उपस्थित थे।