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समय, ईश्वर और स्वयंभू है- डॉ. अग्रवाल

समय प्रबंधन पर विद्यार्थियों को डॉ. विजय अग्रवाल ने दिये सूत्र

भोपाल, 28 जुलाई, 2017: देश के राष्ट्रपति के पूर्व सचिव रहे डॉ. विजय अग्रवाल ने कहा कि समय, ईश्वर की तरह है और स्वयंभू है, जिसका निर्माण किसी ने नहीं किया। समय प्रबंधन कुछ भी नहीं है, स्वयं का प्रबंधन ही समय प्रबंधन होता है।

          माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सत्रारंभ समारोह के दूसरे दिन ‘समय प्रबंधन’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अक्सर लोग समयबद्धता का पालन न करने के कारण दूसरों पर आरोप लगाकर बहाना बनाते हैं, जबकि वास्तव में कोई भी आपको आपके मन के विरूद्ध नहीं ले जा सकता और आपके समय में हस्तक्षेप कर सके। व्यक्ति ही समय प्रबंधन करने वाला मूल तत्व है। समय ईश्वर की तरह ही अदृश्य है।

          समय की कीमत को बताते हुए उन्होंने कहा कि समय का मापन नहीं किया जा सकता, यह एकमात्र एहसास है। समय ही जिंदगी में एकमात्र ऐसी अनमोल कीमती वस्तु है, जिसको ईश्वर ने सभी को समान रूप से दिया है। भगवान शिव ही हैं जो समय से परे हैं, इसीलिए उन्हें महाकाल कहा गया है। दुनिया में जितने भी महान लोग हुए हैं, उनके पास कुछ अतिरिक्त योग्यता नहीं थी, केवल उन्होंने समय का सही उपयोग करके खुद को महान बनाया। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने को लेकर उन्होंने कहा कि आप जिस समय जो काम करें उसी में ही तल्लीनता से लगें। इससे काम की गुणवत्ता में फर्क आयेगा।

          उन्होंने कहा कि समय आपकी पसंद या नापसंद के आधार पर मापा जाता है। जिस काम को आप पसंद करते हैं उसमें समय के बीतते का पता नहीं लगता। मन और समय के रिश्ते को समझना बहुत जरूरी है। ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग तीनों का मिश्रण ही समययोग का निर्माण करता है। इस सत्र में विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा भी मंच पर मौजूद थे। सत्र का संचालन कम्प्यूटर विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. मनीष माहेश्वरी ने किया।