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अगस्त क्रांति के महानायक हैं गांधी: रामबहादुर राय

नवागत विद्यार्थियों के लिए सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन

कुलपति ने दिलायी नया भारत बनाने की शपथ

नोएडा, 9 अगस्त, 2017:  अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए विवश करने का श्रेय दूरद्रष्टा महात्मा गांधी को जाता है। 9 अगस्त 1942 को कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी के प्रस्ताव के अनुरूप ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नारा बुलंद हुआ, हालांकि पार्टी के अंदर ही बहुत गतिरोध था।  इस संकल्प में यह ताकत थी कि अगले पांच वर्षों में भारत आज़ाद हो गया। भारत के युवाओं को अब अखंड भारत का संकल्प लेना चाहिए। उक्त विचार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा परिसर में सत्रारंभ कार्यक्रम में पद्मश्री रामबहादुर राय ने व्यक्त किये। वे इस मौके पर आयोजित ‘न्यू इंडियाः भारत छोड़ो से भारत जोड़ो की यात्रा’व्याख्यान में बोल रहे थे। इसका आयोजन विशविद्यालय तथा प्रकाशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

श्री राय ने भारत छोड़ो आंदोलन के कई बारीक पहलुओं से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन वैश्विक परिस्थितियों में किस तरह कांगे्रस के भीतर आंदोलन को लेकर द्वंद्व था। स्पष्टता थी तो केवल महात्मा गांधी, राजेन्द्र प्रसाद और आचार्य कृपलानी के पास। यह स्पष्टता नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पास भी थी उन्होंने देश की आवाम से गांधी जी के नेतृत्व में आंदोलन को आगे बढ़ाने का समर्थन किया। श्री राय ने भारत के विभाजन का रखते हुए कहा कि हमें इसे मुसलमानों की मांग तथा जिन्ना की जिद के रूप में नहीं देखना चाहिए। दरअसल, पाकिस्तान का निर्माण ब्रिटेन की मध्य-पूर्व रणनीति का हिस्सा थी। हमें इस पर भी गौर करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अखंड भारत का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हो सकता है यह हमारे जीवन में पूरा न हो परंतु यह पूरा होगा।

इसके पूर्व एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक जगमोहन सिंह राजपूत ने कहा कि गांधीजी के दो शब्दों सार्वभौमिकता और मानवता ने देश को जोड़ने का काम किया। ये दोनों भारतीय मूल्य हैं। उन्होंने पत्रकारिता के नवागत विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए कल्पनाशीलता और विचारशीलता का होना अत्यंत आवश्‍यक है। अच्छा पत्रकार वही होता है जिसमें सूक्ष्म अवलोकन की क्षमता प्रबल होती है। प्रकाशन विभाग के संयुक्त सचिव राजेंद्र भट्ट ने कहा पत्रकारिता में बढ़ रही गैरजिम्मेदाराना प्रवृत्तियों की तरफ ईशारा करते हुए कहा कि राष्ट्र जिम्मेवारी भरे ज्ञान से बनता है। उन्होंने संकल्प सिद्धि से दे का नवनिर्माण करने में प्रकाशन विभाग महती भूमिका पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार आलोक वर्मा ने पत्रकारिता में नयी तकनीक के प्रति सजगता और अच्छी तैयारी के महत्व को रेखांकित किया। 

इस मौके पर विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीके कुठियाला ने सभागार में मौजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों और अधिकारियों को नए भारत के निर्माण की शपथ दिलायी। धन्यवाद ज्ञापन प्रकाशन विभाग की अधिकारी साधना राउत ने किया। कार्यक्रम में प्रकाषन विभाग के अधिकारी, विश्‍वविद्यालय के नोएडा परिसर के सभी शिक्षक, विद्यार्थी व कर्मचारी मौजूद रहे।