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डाक्यूमेंट्री फिल्म के लिए थीम, सबजेक्ट, रिसर्च अच्छा होना चाहिए

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष व्याख्यान में डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता जलालउद्दीन ने कहा, पर्यावरण से सम्बंधित मुद्दों पर डाक्यूमेंट्री बनाने पर दिया जोर, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं उनकी डाक्यूमेंट्री की प्रशंसा

भोपाल, 17 नवम्बर, 2018: डाक्यूमेंट्री फिल्म के लिए थीम, सबजेक्ट, रिसर्च अच्छा होना चाहिए और मोबाइल के इस युग में आजकल कोई भी फिल्म मेकर बन सकता है, लेकिन इसमें पेशन का होना बहुत जरुरी है। ये कहना है डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर एवं निर्माता, निर्देशक श्री जलालउद्दीन का। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण पर आयोजित विशेष व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें पर्यावरण, प्रकृति, वन, जल जैसे विषयों पर भी काम करने के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति एवं खेल पर तो आजकल बहुत कार्यक्रम बन रहे हैं, लेकिन पर्यावरण को लेकर कोई भी कार्यक्रम नहीं बन रहे हैं, जबकि हमें समाज एवं देश के लिए ऐसे विषयों पर काम करने की आवश्यकता है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से अपनी डाक्यूमेंट्री पर प्रशंसा प्राप्त कर चुके जलालउद्दीन ने कहा कि डाक्यूमेंट्री के लिए अच्छा उद्देश्य एवं स्टोरी का होना बहुत जरुरी है ।

विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रोडक्शन-डे पर आयोजित विशेष व्याख्यान में श्री जलालउद्दीन ने अपनी कुछ डाक्यूमेंट्री भी दिखाई, जिसमें उनकी प्रसिद्ध डाक्यूमेंट्री “सेविंग द सेवियर- बिल्ला द सेवियर” भी शामिल थी। जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण को हमने बचा लिया तो हम सुरक्षित हैं। समाज और देश के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा एवं इसके लिए हर एक को अपना योगदान देना चाहिए। स्वच्छता का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ अपना ही घर साफ-सुथरा नहीं रखना है बल्कि हमें पड़ोसी को इसके महत्व को समझाना पड़ेगा एवं उसे भी जागरुक बनाने में अपना योगदान देना होगा। हमें अपने बारे में ही नहीं बल्कि पूरे समाज, शहर, राज्य और देश के बारे में सोचना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार श्री अभिलाष खाण्डेकर भी इस अवसर पर मौजूद थे। विद्यार्थियों से उन्होंने कहा कि वे किसी एक क्षेत्र में पारंगत होने की बजाय एक से अधिक विषयों में कौशल का विकास करते हुए बहुमुखी प्रतिभा के धनी बनें। खूब पढ़ते रहने की नसीहत देते हुए श्री खाण्डेकर ने कहा कि जो समय का प्रबंधन करता है वह हमेशा जीतता है। उन्होंने कहा कि वे जो भी कुछ पढ़ रहे हों इसके अतिरिक्त उन्हें अर्थशास्त्र, पर्यावरण, संस्कृति, राजनीति एवं भूगोल जैसे पांच विषयों को भी जरुर पढ़ना चाहिए। विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवित्र श्रीवास्तव ने श्री जलालउद्दीन एवं श्री खाण्डेकर का आभार व्यक्त किया।