MC University

  About University
icon About University
icon From VC's Desk
  Governing Bodies
icon Management Council
   
 

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में प्रख्यात साहित्यकार अमृतलाल वेगड़ को श्रद्धांजलि देने शोकसभा का आयोजन

 

भोपाल, 06 जुलाई, 2018: प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पर्यावरण प्रेमी श्री अमृतलाल वेगड़ के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शोकसभा का आयोजन किया गया। कुलपति श्री जगदीश उपासने ने अपने शोक संदेश में कहा कि प्रकृति के सुपुत्र श्री अमृतलाल वेगड़ जी के निधन से अपूर्णनीय क्षति समाज को हुई है। पर्यावरण संचार में उनकी श्रेष्ठता से सब विदित हैं। विशेषकर सदानीरा नर्मदा के संरक्षण में उनका विशेष योगदान है। अनेक बार नर्मदा परिक्रमा करने और उस दौरान बनाए गए रेखाचित्रों के कारण प्रकृति के चितेरे एवं नर्मदा के सहयात्री के रूप में उनकी पहचान पूरे देश में है। हाल ही में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने उनके आवास जबलपुर जाकर उन्हें विद्या वाचस्पति (डी.लिट.) की मानद उपाधि से सम्मानित कर स्वयं भी गौरव की अनुभूति की थी। आज उनके निधन पर प्रकृति भी उदास है। उसका एक लायक बेटा अब चला गया है। उनके निधन से हम सबकी आँखें भी नम हैं। शोक सभा में कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा और कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं शिक्षकों ने स्वर्गीय श्री वेगड़ को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

            अपने यात्रा-वृत्तांत 'सौन्दर्य की नदी नर्मदा' के लिए वर्ष 2004 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित श्री अमृतलाल वेगड़ गुजराती और हिन्दी दोनों भाषाओं में समान अधिकार से लेखन करते थे। श्री वेगड़ ने नर्मदा नदी के किनारे-किनारे लगभग साढ़े तीन हजार किलोमीटर की यात्रा पैदल की है। उन्होंने अपनी पहली नर्मदा यात्रा वर्ष 1977 में तब शुरू की थी, जब वह लगभग 50 वर्ष के हो रहे थे। इसके बाद उन्होंने लगभग 11 बार नर्मदा की परिक्रमा की। इन यात्राओं के दौरान वह नर्मदा के सौन्दर्य को अपनी लेखनी और कूची दोनों से कागज पर उतारते रहे हैं। श्री वेगड़ मूल रूप से चित्रकार हैं और उन्होंने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के शान्ति निकेतन से वर्ष 1948 से 1953 के बीच कला की शिक्षा ली थी, फिर जबलपुर के एक कॉलेज में चित्रकला के अध्यापन का काम किया।