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अन्याय के खिलाफ हमेशा कलम चलाई कुलदीप नैयर ने

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने वरिष्ठ पत्रकार, लेखक को श्रद्धासुमन अर्पित किये

भोपाल, 25 अगस्त, 2018: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्री कुलदीप नैयर को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने कहा कि कुलदीप नैयर हमेशा पत्रकार रहे| उन्होंने लगभग 40 वर्षों तक स्वतंत्र लेखन किया, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा लिखते रहे। ऐसे व्यक्तित्व से पत्रकारिता और मीडिया के विद्यार्थियों को सीखना चाहिए।

शनिवार को विश्वविद्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्री उपासने ने कहा कि आपातकाल लगने के बाद कुलदीप नैयर ने दिल्ली में 100 पत्रकारों को इकट्ठा करके आपातकाल के विरुद्ध ज्ञापन तैयार किया। सभी पत्रकारों से उस पर हस्ताक्षर करवाये और जाकर प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को ज्ञापन सौंपा। उन्हें आपातकाल के दौरान गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन जब दिल्ली उच्च न्यायालय में उनकी गिरफ्तारी के विरुद्ध याचिका लगी तो उन्हें पुलिस ने छोड़ दिया और हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। श्री नैयर ने ही यूएनआई में कार्यरत रहते समय पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के देहावसान की खबर सबसे पहले जारी की थी। उस समय वे ताशंकद गये थे और वहाँ भारत के वाणिज्यिक दूतावास से फोन करके रात को ढाई बजे दिल्ली के यूएनआई कार्यालय में खबर लिखवाई थी। एजेंसी पर खबर जारी होने के बाद समाचार पत्रों ने मशीनें रोक दीं और दोबारा अखबार छापे।

श्री उपासने ने कहा कि श्री कुलदीप नैयर एकमात्र ऐसे पत्रकार थे जिनके दिल्ली में मंत्री से लेकर भृत्य तक उनके सम्बन्ध थे। उन्होंने पत्रकारिता के प्रोफेशन को प्रतिबद्धता के साथ जिया। वे कहते थे कि अंतिम जॉब के समय उनको जितनी तनख्वाह मिलती थी, उससे चार गुना वे स्वतंत्र पत्रकारिता से लिखकर कमाते थे। भारत के साथ ही पाकिस्तान के बुद्धिजीवी वर्ग में भी उनके घनिष्ठ सम्बन्ध थे। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग के छात्र अजय पाटीदार ने कहा कि आपातकाल और पाकिस्तान के बंटवारे का दर्द हमेशा उनके लेखन में झलकता रहा।

अन्य विद्यार्थी प्रतिनव ने कहा कि वे भारत-पाकिस्तान की एकता के प्रबल समर्थक थे और सिंडिकेट कॉलम लिखने वाले पहले पत्रकार थे। इसी विभाग के ऋषभराज सिंह ने कहा कि श्री नैयर ने ‘आगाज’ पत्र के साथ अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की थी। विद्यार्थी रजत अभिनय सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में उनको सबसे पहले गांधी हत्या की कवरेज का काम दिया गया था। इस अवसर पर विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगणों ने दो मिनिट का मौन रखकर श्री नैयर को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन प्रोड्यूसर डॉ. रामदीन त्यागी ने किया।